Home विशेष रिपोर्ट कर्नाटक चुनावः PM समेत आधी से ज्यादा कैबिनेट, 10 CM और 500...

कर्नाटक चुनावः PM समेत आधी से ज्यादा कैबिनेट, 10 CM और 500 MP-MLA मिलकर जिता पाएंगे BJP को कर्नाटक?

SHARE

बेंगलूरू – कर्नाटक चुनाव में मतदान के लिये अब सिर्फ एक रात का ही फासला बाकी रहा है, क्योंकि सुब्ह 12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिये मतदान होना है। केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा इस चुनाव को जीतने के लिये तमाम तरग के हथकंडे अपनाये गये हैं।

भाजपा ने इस चुनाव में  प्रधानमंत्री मोदी, और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत आधे से ज्यादा मंत्रिमंडल, 10 मुख्यमंत्री, 500 सांसद-बीते 45 दिनों से कर्नाटक में भाजपा को जिताने के लिये डटे हुए हैं। इस चुनाव में तय था कि प्रधानमंत्री कर्नाटक में 15 रैलियां करेंगे। लेकिन जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते गए, सभी ओपीनियन पोल में भाजपा दूसरे नंबर पर खिसकती नजर आई, रैलियों में हर बड़े बीजेपी नेता का उपहास उड़ने लगा।

ये रहा रैलियों का लेखा जोखा

उधर भाजपा के अनुवादकों ने गुड़ का गोबर किया, पार्टी में टिकट बंटवारे पर सिर-फुटव्वल सामने आने लगा, बीजेपी के हाथ-पांव फूल गए। प्रधानमंत्री को रैलियां बढ़ानी पड़ी, 15 के बजाए 21 रैलियां करना पड़ीं।उत्तर प्रदेश में 30 करोड़ आबादी और 403 विधानसभा सीटों के लिए पीएम ने 24 रैलियां की थीं, लेकिन कर्नाटक में करीब 7 करोड़ आबादी और 224 सीटों के लिए 21 रैलियां करना पड़ीं।बीते करीब दो महीने से कर्नाटक में डेरा डाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मठों-मठों घूमकर संतों और महंतों को रिझाते दिखे, और जब इससे भी काम नहीं चला तो बाकायदा रोड शो के नाम पर सड़कों पर उतरना पड़ा।

भाजपा अध्यक्ष ने 27 रैलियां और 26 रोड शो किए, और कर्नाटक में करीब 50 हजार किलोमीटर की दूरी तय की। इतने से भी जब हालात काबू में आते नहीं दिखे, तो आंधी-तूफान में जान-माल के नुकसान को अनदेखा कर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत करीब 10 मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा। इतना ही नहीं मोदी सरकार की आधे से ज्यादा कैबिनेट को भी इस चुनावी समर में डुबकी लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही देश भर से करीब 500 सांसद-विधायकों को भी वोटरों को रिझाने के लिए उतारा गया। कुल मिलाकर बीजेपी नेताओं ने 400 से ज्यादा रैलियां या जनसभाएं कीं।

(नवजीवन के इनपुट से पूरी रिपोर्ट नवजीवन पर पढ़ सकते हैं)