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लखनऊ में 1857 के जांबाज सिपाही मंगल पांडे की मूर्ती स्थापित करना चाहते हैं पत्रकार अमरेश मिश्रा, लोगों से की भावुक कर देनी वाली अपील

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मुझे आपकी मदद चाहिए। आप सभी मुझे फेसबुक पर पढ़ते और सुनते हैं। मैंने हमेशा अन्याय के खिलाफ़ आवाज़ उठाई है, छद्म ताक़तों और उनके द्वारा की गई इतिहास की गलत व्याख्याओं का पर्दाफ़ाश किया है, ऐसे- ऐसे मुद्दों पर शासन/प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है जिनसे अन्य लोग नज़रें बचाकर निकल जाते हैं।

गुजरात, कर्नाटक, फूलपुर और गोरखपुर के चुनावी नतीज़ों के वक़्त जब नाउम्मीदी सी छाने लगी थी उस वक्त भी मैंने मैदान नहीं छोड़ा, लगातार सवाल-जवाब करता रहा। चाहे मुसलमानों, दलितों, पिछड़ी जातियों पर अत्याचार का मामला हो या ब्राह्मण अथवा राजपूतों का-मैं चुप नहीं बैठा। 1857 की विरासत को पुनर्जीवित करते हुए हमेशा एक सकारात्मक नज़रिए से बात जारी रक्खी।

आज मुझे आपकी मदद की ज़रूरत है।

1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महानायक अमर शहीद मंगल पांडे की 191वी जयंती के अवसर पर 19 जुलाई, 2018 को उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन के सामने उनकी प्रतिमा की स्थापना की उद्घोषणा के बाद से मेरा जीना हराम कर दिया गया है। अचानक मेरा फोन बंद कर दिया जाता है, मेरी ई-मेल्स को अवरुद्ध किया जा रहा है, मेरे सहयोगियों को परेशान किया जा रहा है, घर की शांति को भंग करने की कोशिश की जा रही है। यहां तक कि सहयोग राशि आना भी बंद हो सकता है।

मूर्ति-स्थापना एक पूर्णतया गैर- राजनीतिक कार्यक्रम है। समाज मे घुसपैठ कर चुकी विघटनकारी और अमानवीय प्रवृतियों का मुकाबला करने के लिए इसका आयोजन कर रहा हूँ । मैं बखूबी समझता हूं कि एक पार्टी विशेष 19 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर इतना घबराई हुई क्यों है। वे मंगल पांडे की मूर्ति- स्थापना का चाहकर भी विरोध नहीं कर सकते। मैंने इस काम के लिए किसी ‘धनपशु’ या राजनीतिक दल से कोई पैसा नही लिया है। फेसबुक पर मौजूद और इसके बाहर के मित्रों ने आर्थिक सहयोग किया है। यदि मेरे वे सदाशयी मित्र अनुमति दें तो मैं उनके नाम जगज़ाहिर करना चाहूंगा….

19 जुलाई को लखनऊ के परिवर्तन चौक से विधानसभा तक मूर्ति की शोभायात्रा निकाली जाएगी। ‘मंगल पांडे सेना’ कोई नारा नहीं लगाएगी क्योकि हमारी मांग जगज़ाहिर है। ब्राह्मण वृन्द शोभायात्रा में सनातन धर्म के मंत्रों का उच्चारण करते हुए चलेंगे। मंगल पांडे एक ऐसे संग्राम के प्रतिनिधि हैं जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, ब्राह्मण, राजपूत, जाट, गुज्जर, मेव , पिछड़ी जातियां और दलित-ये सभी कंधे से कंधा मिलाकर लड़े थे।

इस मूर्ति की स्थापना से विघटनकारी साम्प्रदायिक राजनीति करने वालों को एक तगड़ा झटका लगेगा। चुनाव नजदीक आ गए हैं…… ऐसे में उधर से जवाबी हमला अवश्य होगा। समाज को तोड़ने की कोशिश होगी। मंगल पांडे आन्दोलन दंगा-फसाद-आतंक के माहौल मे ध्रुवीकरण रोकेगा।

नीचे मेरा बैंक अकाउंट नंबर लिखा हुआ है।आप 50-100 रुपए से लेकर जितना ज्यादा चाहे मदद कर सकते हैं। आप सभी के सहयोग से मंगल पांडे अभियान का सफल होना इसलिए भी ज़रूरी है ताकि यह साबित किया जा सके कि कैसे धनबल की सत्ता के बरक्स जनबल द्वारा पोषित अभियान क़ामयाब हो सकता है! मैंने अपनी विश्वसनीयता, अपना काम सब कुछ दांव पर लगा दिया है। यदि आप ‘एक सच्चे राष्ट्रवादी सरोकार’ और मुझ पर यक़ीन रखते हैं…यदि आप भीड़ की हिंसा को रोकना चाहते हैं…यदि आप अपने इस ख़ूबसूरत देश को बचाना चाहते हैं…यदि आप युवाओं और किसानों की फासीवाद विरोधी ‘मंगल पांडे सेना’ को दमन – शोषण से लड़ते हुए देखना चाहते हैं……. तो अवश्य आर्थिक सहयोग कीजिए। आपके सहयोग के बिना यह आंदोलन दम तोड़ सकता है।

जो महानुभाव सक्षम हैं, उनसे आर्थिक सहयोग की दरकार है। जो सज्जन वाहन इत्यादि के अलावा अन्य किसी संसाधन की मदद देना चाहते हैं, वे मुझे 9910924012 पर फोन कर सकते हैं। मैं इस बारे में आपके सभी सवालों, जिज्ञासाओं का स्पष्ट व पारदर्शी जवाब देने के लिए तत्पर हूँ ।

बैंक अकाउंट जिसमे आप राशि डाल सकते हैं:

अमरेश मिश्र

Ac No. 9911897945

Kotak bank, Shahjanaf Road, Lucknow

IFSC KKBK0000141

आप एस नम्बर पर PayTM भी कर सकते हैं: 8448595944

अनुवाद: Sadhvi Meenu Jain

(अमरेश मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एंव क्रान्तिदल के अध्यक्ष हैं, उन्होंने बुलेट राजा फिल्म के डॉयलॉग भी लिखे हैं, अब उन्होंने यूपी में मंगल पांडे सेना बनाई है।)