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नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने साधा हिन्दुत्व पर निशाना, कहा ‘भारत की तरक्की की राह में रोड़ा है हिंदुत्व’

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नई दिल्ली – हिन्दुत्व की राजनीति को लेकर देश में अक्सर बहस होती रही है, अब एक बार फिर ये मुद्दा गरमा सकता है, दरअस्ल नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने हिन्दुत्व को विकास की राह में बाधा करार दिया है। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है।

अमर्त्य सेन ने इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान कहा है कि वे दोबारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के पद पर नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में देश की अर्थव्यवस्था ने गलत दिशा में छलांग लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि  केंद्र की मोदी सरकार तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को पीछे की तरफ ले जा रही है। नोबेल पुरुस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी केन्द्र सरकार से निराशा जताई है।

बता दें कि उन्होंने ये बातें दिल्ली में अपनी किताब-भारत और उसके विरोधाभास के लोकार्पण के मौके पर कहीं उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के मामलों में केन्द्र की मोदी सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने बदतर काम किया है। इंडिया टुडे को दिए गए साक्षात्कार में अमर्त्य सेन ने कहा कि हिंदुत्व की राजनीति भारत की राजनीति की राह में रोड़ा है।

अमर्त्य सेन ने वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई से बातचीत करते हुए कहा कि हिंदुत्व को लेकर पहचान की राजनीति बहुत घातक है। उन्होंने कहा कि यह विचार लोकतंत्र, सिविल सोसाइटी और आर्थिक मुद्दों के लिहाज से बहुत खतरनाक है। जाने माने अर्थशासत्री ने कहा कि वर्तमान की मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को गलत दिशा में धकेलने का काम किया है। अर्थशास्त्र का नोबेल पुरुस्कार जीतने वाले अमर्त्य सेन ने कहा कि सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होने के बावजूद 2014 से गलत दिशा में जाने के कारण भारत की स्थिति खराब हुई है।

उन्होंने कहा कि 20 साल पहले अर्थव्यवस्था के मामले में पहले भारत, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और भूटान जैसे 6 देशों में भारत श्रीलंका के बाद दूसरे बेहतर देश के पोजीशन में था, अब यह दूसरा सबसे खराब देश है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को सबसे खराब देश होने से बचा कर रखा है। अमर्त्य सेन ने कहा कि सरकार की अनदेखी से देश में गैरबराबरी बढ़ती जा रही है। अनुसूचित जातियों की उन्होंने विकास और सुविधाओं के मामले में सरकार पर अनदेखी करने का आरोप लगाया।