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कर्नाटकः JDS के लिये किंगमेकर साबित हुए असदउद्दीन ओवैसी, शानदार कमायबी पर देखिए क्या बोले?

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नई दिल्ली कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम बीजेपी और काँग्रेस दोनों के किसी काम के नही हैं,जहां बीजेपी को 105 सीटेँ मिली हैं वहीं कॉंग्रेस को भारी नुकसान हुआ है जिसके कारण सिर्फ 78 प्रत्याशी जीत पाये हैं,लेकिन कर्नाटक में बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी के समर्थन और रैलियों से जनतादल सेक्युलर ने बाजी मारने का काम किया है और 37 प्रत्याशी विजय हुए हैं।

जनतादल सेक्युलर को अब तक किंग मेकर माना जारहा था लेकिन जब कोंग्रेस ने उनको 78 सीटों के साथ समर्थन करने का ऐलान कर दिया है तो कुमारा स्वामी किंग बनते हुए नज़र आरहे हैं,लेकिन इस के पीछे किंगमेकर के रूप में असदउद्दीन ओवैसी का बड़ा हाथ है।

असदउद्दीन ओवैसी ने चुनाव के दौरान जमकर मेहनत करी थी और कई रैलियों को सम्बोधित किया था,जिससे जनतादल सेक्युलर में जान पड़ गई थी,अगर असदउद्दीन ओवैसी चुनाव में समर्थन न करते तो एक बात साफ है जनता दल की जीती हुई सीटों की संख्या कम होती और कोंग्रेस की ज़्यादा होती।

असदउद्दीन ओवैसी ने जनतादल के प्रमुख कुमारा स्वामी को इस कमायबी पर फोन करके बधाई दी यह और उनसे कर्नाटक का एक अच्छा मुख्यमंत्री होने की उम्मीद जताई है,ओवैसी ने अपने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘मैंने एचडी कुमारस्वामी से बात की और उन्हें और उनकी पार्टी की जीत की बधाई दी. मुझे पूरा भरोसा है कि बतौर मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने पूर्ववर्तियों की अपेक्षा अपने संवैधानिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाएंगे और इंशा अल्लाह कर्नाटक उनके नेतृत्व में प्रगति करेगा.’

ओवैसी BJP पर निशाना साधना भी नहीं भूले. उन्होंने अपने अगले ही ट्वीट में लिखा है, ‘मैं JD(S) और BSP को वोट देने वाली जनता का आभारी हूं, साथ ही मैं अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को भी बधाई देता हूं, क्योंकि वे मेरे और मेरी पार्टी के खिलाफ जहर उगलना जारी रखेंगे.’

इतना ही नहीं ओवैसी यहां भी मुस्लिम कार्ड खेलना नहीं भूले. उन्होंने आगे लिखा है, ‘कर्नाटक चुनाव के नतीजों ने विधानसभा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को और कम कर दिया है, जो विविधता और अनेकता में विश्वास रखने वाले दलों के लिए चिंता की बात होनी चाहिए.’

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 78 सीटें मिली हैं और वह JD(S) को समर्थन देकर 117 विधायकों के अपने साथ होने का दावा कर रही है. फिलहाल कर्नाटक के सत्ता की गेंद राज्यपाल वजुभाई वाला के पाले में है कि वह पहले किसे सरकार बनाने का निमंत्रण देते हैं।