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लगातार बढ़ती जा रहीं भाजपा की मुश्किलें, कुछ ही महीनों में कम हो गए भाजपा के तीन करोड़ सदस्य

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नई दिल्ली – इस बात मे किसी को भी कोइ संशय न होगा कि इस समय बीजेपी देश की सबसे बड़ी पार्टी है। परन्तु देश में बीजेपी के कितने सदस्य हैं, इसको लेकर अनुमान लगाना थोड़ा मुश्किल है। खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को भी इस बारे मे ठीक से जानकारी नहीं हि । यह स्थिति उनके अलग-अलग बयानों से ही पैदा हुई है। अभी हाल ही में दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक हुई थी।

इस बैठक में अमित शाह ने कहा कि पार्टी के 8 करोड़ सदस्य थे जिन्हें बढ़ाकर 9 करोड़ कर दिया गया है। लेकिन जुलाई में अपने संबोधन को.देखा जाए तो उन्होंने बीजेपी के 11 करोड़ सदस्य होने की बात कही थी । अब सवाल उठता है ,क्या जुलाई से सितंबर तक बीजेपी के 3 करोड़ सदस्य कम हो गए थे ।

सिर्फ अमित शाह ही नहीं हैं बल्कि पार्टी के अन्य नेताऔ के बयानों से भी असल सदस्यों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है ।इसी साल अप्रैल में बीजेपी नेता अली मोहम्मद मीर ने दावा किया था कि वर्तमान में बीजेपी के 14 करोड़ सदस्य हैं और इस संख्या के साथ बीजेपी देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। वहीं बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया राहटकर ने बीजेपी के सदस्यों का संख्या को 12 करोड़ बताया था, उन्होंने आगे कहा था कि पार्टी के 12 करोड़ सदस्यों में 3 करोड़ सिर्फ महिलाएं हैं.

वास्तविक स्थिति यह है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित किसी भी नेता के पास इस बात को साबित करने का कोई आंकड़ा नहीं है कि आखिर देश में बीजेपी के सदस्यों की संख्या कितनी है।इस मुद्दे के तूल पकड़ने के बाद बीजेपी प्रवक्ता ने पार्टी अध्यक्ष द्वारा सदस्यों की संख्या को 8 करोड़ बताने को जुबान फिसलना बताया है।‘द प्रिंट’ को इंटरव्यू देते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के कुल सदस्यों की संख्या 11 करोड़ है, इनमें से दो करोड़ सदस्यों का अभी सत्यापन नहीं हो पाया है।

उल्लेखनीय है कि 2019 के लोकसभा चुनावों तक तक बीजेपी का लक्ष्य है 22 करोड़ परिवारों को पार्टी से जोड़ना है।साल 2015 में अमित शाह ने बीजेपी के 8.8 करोड़ सदस्य होने की बात कही थी।साथ ही उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना को पीछे छोड़ते हुए बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताया था।फिलहाल परस्पर विरोधाभासी बयानों ने विपक्ष को एक मुद्दा तो दे ही दिया है।