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पाकिस्तान चुनावः भारत के इस युवा लेखक फ्रेंक हूजूर ने लिखी थी इमरान खान की बायोग्राफी, बन सकते हैं भारत – पाक शान्ति दूत

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चंद्रभूषण सिंह यादव

नई दिल्ली – क्रिकेटर से राजनेता बने पाकिस्तान के मशहूर खिलाड़ी जिन्होंने पाकिस्तान को क्रिकेट का विश्व बनाथा, अपने 22 वर्षो के अथक राजनैतिक सफर के बाद पाकिस्तानी संसदीय चुनावो में हाफिज सईद जैसे कट्टरपंथियों व नवाज शरीफ व जरदारी जैसे स्थापित राजनीतिज्ञों को बोल्ड करते हुए पाकिस्तानी चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को लाकर खड़ा कर दिया है। जो पाकिस्तान जैसे देश जहां लोकतंत्र तो कभी सेना राज करती है उस देश के लिये यह आश्चर्यजनक ही है।

भारतीय संदर्भ में जैसे कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी हैं वैसे ही पाकिस्तानी संदर्भ में नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) और जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) है। पाकिस्तान में नवाज शरीफ और आसिफ जरदारी के किले को तोड़ना एक बहुत बड़ी चुनौती थी लेकिन क्रिकेट की स्पिन,फ़ास्ट, लेफ्ट, राइट, नो बॉल, बाउंस आदि तमाम दुरूह चक्रब्युह को भेदने में माहिर इमरान ने ठीक वैसे ही जैसे क्रिकेट में बादशाहत हासिल की वैसे ही राजनीति में भी अपना सिक्का मनवा लिया है।

हमने एक साथ आजादी की लड़ाई लड़ी हैं।

ऐसे लोगों की लंबी फेहरिस्त है जिन्होंने भारत की आजादी लड़ाई लड़ी और बाद में वे पाकिस्तान के अस्तित्व मे आने के बाद पाकिस्तान चले गए, कुछ राजनेताओ ने अपने पद को कायम रखने या सत्ता हासिल करने के लिए दोनों देश की अवाम के मन मे एक दूसरे के लिये नफरत तो पैदा ही की है साथ  ही उस नफरत को कायम रखन के लिये घृणित करतूत करते रहते हैं।

ऐसे नेताओं की करतूतों के कारण दोनों देश की सेनाएं मोहरा बन जाती हैं और आम अवाम तथा मध्यम वर्ग के घरों से निकले नौजवान सैनिक इस नफरत की बलिवेदी पर चढ़ इन सियासतदानों की कुर्सी को मजबूत बनाते हैं वरना ये तो एक दूसरे की मांओं तक को बिरियानी व शाल भेजते हैं।

समाजवादी विचारक व देश के महानतम स्वतन्त्रता सेनानी डॉ. राममनोहर लोहिया ने  “भारत विभाजन के अपराधी” नामक किताब लिखी और “भारत-पाक का संघ” बनाने का प्रस्ताव रखा। समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव ने भी “भारत,पाक,बंगलादेश का संघ” बनाने की बात हमेशा कही है। भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधरें यही भारतीय व पाकिस्तानी आम-अवाम के हित में है। हम सब नवाज शरीफ की ‘शराफत’ और आसिफ अली जरदारी के किरदार देख चुके हैं।

इमरान खान नए हैं, खिलाड़ी से राजनेता बने हैं इसलिए हमें इनसे भारत-पाक अमन की उम्मीद रखनी चाहिए। हो सकता है खेल-खिलाड़ी की भावना रखने वाले इमरान खान भारत-पाक महासंघ के डॉक्टर लोहिया के सपने को मूर्त रूप देने में सहायक बने। इमरान खान की बढ़त के बाद युवा लेखक और इमरान खान की बॉयोग्राफी ‘इमरान वर्सेज इमरान’ लिखने वाले फ्रैंक हुजूर बताते हैं कि अगर इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनते हैं तो दोनों के देशों के बीच नफरत काफी हद तक कम हो सकती है। फ्रेंक कहते हैं कि अगर दोनों देशों में शान्ति होगी तो फिर  ही देश तेजी से तरक्की करेंगे. समाजवादी विचारक चंद्रभूषण सिंह यादव मानते हैं कि अगर इमरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनते हैं तो फ्रेंक हूजूर भारत और पाकिस्तान के बीच मधुर रिश्ते करने के लिये एक पुल का काम कर सकते हैं।

 

कौन हैं फ्रेंक

फ्रेंक हूजूर लोहियावादी लेखक हैं, उन्होंने इमरान खान की बायोग्राफी ‘इमरान वर्सेज इमरान’ लिखी थी। इस दौरान उन्होंने कई बार इमरान खान से मुलाकात की और दो बार पाकिस्तान की यात्रा भी की। फ्रेंक हजूरू इन दिनों लखनऊ में रहते हैं और सोशलिस्ट फेक्टर नाम से अंग्रेजी और हिन्दी पत्रिका का संपादन करते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बायोग्राफी ‘टीपू स्टोरी’ भी लिखी है।