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लिंचिंग के दोषियों का सम्मान करके फंस गए केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, शुरू हुआ हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र का दर्जा वापस लेने के अभियान

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नई दिल्ली – झारखंड की हजारीबाग लोकसभा सीट से सांसद और केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने फास्ट ट्रैक कोर्ट से उम्र कैद की सजा पाये कथित गौरक्षकों को हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर उनका फूल माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया था। अपनी इस हरकत के लिये अब उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने जयंत सिन्हा से हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र का दर्जा वापस लेने की मांग वाली एक ऑनलाइन याचिका का लोगों का समर्थन मांगा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘अगर उच्च शिक्षित सांसद और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा एक निर्दोष आदमी को पीट-पीट कर मार डालने की घटना में दोषी ठहराए गए अपराधियों को माला पहनाने की घटना आपको नफरत से भर देती है तो इस लिंक पर क्लिक करें और याचिका का समर्थन करें।’

राहुल गांधी ने इस मामले में change.org का एक लिंक भी ट्वीटर पर पोस्ट किया है। जानकारी के लिये बता दें कि  हार्वर्ड विश्वविद्यालय से 2018 में स्नातक पास प्रतीक कंवल ने इस अभियान को शुरू किया है। कंवल ने कहा कि भाजपा सांसद की इस हरकत ने ‘पूरे देश को स्तब्ध कर दिया और हमारे महान संस्थान को बदनाम किया।’

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्यक्ष को लिखे एक ख़त में कंवल ने कहा कि वे भारत के संबंधित नागरिकों की तरफ से ख़त लिखने को मजबूर हुए हैं, जिसका उद्देश्य उस ‘बदनामी’ की तरफ ध्यान दिलाना है, जिसे सिन्हा (हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, 1992) ने भारत में कराई है और अपने ‘अनर्गल हरकत से विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।’

अभियान में कहा गया है कि सिन्हा के ‘मूर्खतापूर्ण और असंवेदनशील कृत्य’ से भारत में जबरदस्त गुस्सा पैदा हुआ है और इस घटना की मीडिया में चौतरफा रिपोर्टिंग हुई। उन्होंने कहा, ‘बदकिस्मती से सभी मीडिया रिपोर्ट में यह तथ्य बताया गया है कि सिन्हा हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।’

उन्होंने आगे  कहा, ‘इस परिस्थिति में, आप उनके कृत्य की निंदा करते हुए बयान जारी कर सकते हैं। हम आपसे उनके अनुचित व्यवहार के लिए उनके पूर्व छात्र के स्टेटस को वापस लेने की भी मांग करते हैं, जिसकी वजह से इस संस्थान का नाम बदनाम हुआ है।’

बता दें कि सालभर पहले झारखंड के रामगढ़ में एक मीट कारोबारी की तथाकथित गौरक्षकों ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी, इन कथित गौरक्षको ने आरोप लगाया था कि अलीमुद्दीन गाय का मांस सप्लाई करता था, झारखंड की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में 11 लोगों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी, लेकिन झारखंड हाईकोर्ट ने इस केस के दोषियों को जमानत दे दी थी, जिनका केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने फूल माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया।