Home देश झारखंडः भीड़ द्वारा मारे गये शम्सुद्दीन के कातिलों को सजा मिलने पर...

झारखंडः भीड़ द्वारा मारे गये शम्सुद्दीन के कातिलों को सजा मिलने पर बोले मदनी, पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दे सरकार

SHARE

नई दिल्ली – जमीअत उलेमा ए हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने झारखंड (तेनुघाट बोकारो कोर्ट) द्वारा शमसुद्दीन अंसारी भीड़ हिंसा मामले में सभी दस अपराधियों को उम्र कैद की सज़ा देने का स्वागत किया है और इस फैसले को देश में जारी नफ़रत के माहौल में आशा की एक किरण करार दिया है। मौलाना मदनी ने कहा कि झारखनड में मुस्लिम अल्पसंख्यक के खिलाफ भीड़ हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं, इस बीच सबसे अफसोस की बात यह थी कि जिला अधिकारियों और राज्य सरकार के कुछ जिम्मेदार व्यक्तियों का व्यवहार नफरत फैलाने वालों के अनुरूप था।

उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तत्व संगठित होकर अल्पसंख्यकों विशेषकर दलितों और मुसलमानों को किसी न किसी बहाने निशाना बना रहे हैं। ऐसा महसूस होता है कि इन तत्वों को देश के कानून की गिरफ्त का कोई डर और अपने करतूत पर कोई पछतावा नहीं है।

मौलाना मदनी ने इस संदर्भ में आशा व्यक्त की कि पिछले महीने रामगढ़ अदालत और अब बोकारो अदालत के फैसलों से सांप्रदायिक ताकतों के हौसले पस्त होंगे, उन्होंने ने कहा कि अदालत के इस निर्णय से ज़ख्मों पर मरहम लगेगा लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि पीड़ित के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री से मांग की कि वह उचित मुआवजा की घोषणा करें और सुनिश्चित करें कि ये घटनाएं दोबारा न हों।

बता दें कि शम्सुद्दीन धनबाद के महुदा के रहने वाले थे. तीन अप्रैल को वे रिश्ते में अपने साले के यहां बोकारो ज़िले के नर्रा गांव आए थे. उन्होंने अपनी बाइक घर के पीछे खड़ी की थी. कुछ देर बाद बाइक गायब हो गई थी. तब शम्सुद्दीन अंसारी के रिश्तेदारों ने गांव के एक स्थानीय व्यक्ति रति पंडित को फोन पर बाइक के ग़ायब होने की जानकारी दी. उस व्यक्ति ने कहा कि घबराओ नहीं, बाइक जल्दी मिल जाएगी.

चार अप्रैल की सुबह हथियार से लैस भीड़ ने शम्सुद्दीन अंसारी को बच्चा चोर के संदेह में घर से खींच कर निकाला और पिटाई करते हुए दूर तक ले गए. इस दौरान उनके रिश्तेदार यह सफाई देते रहे कि शम्सुद्दीन अंसारी बच्चा चोर नहीं हैं और साथ ही जान बख्श देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी. इस बीच पुलिस भी वहां पहुंची, लेकिन भीड़ काफी आक्रामक थी. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद शम्सुद्दीन अंसारी को वैन में डालकर अस्पताल भेजा. बाद में उनकी मौत हो गई.