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कर्नाटकः 10वीं में मोहम्मद कैफ के आये 625 में से 624 अंक फिर भी नहीं हुआ संतुष्ट, दोबारा चेक करवाई कॉपी और रच दिया इतिहास

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नई दिल्ली कर्नाटक बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद एक छात्र के 10 वीं क्लास के परिणाम ने पूरे देश को चोंका दिया है,मोहम्मद कैफ मुल्ला के आत्माविश्वास ने उनका नाम सुनहरे अक्षरों से लिख दिया है. मोहम्मद कैफ के 625 अंकों में से 624 अंक आए थे. 1 अंक की कमी छात्र को बेचैन कर रही थी. यह एक नंबर विज्ञान विषय में कम था. बाकी विषयों में कैफ के सौ फीसदी नंबर आए थे. कैफ ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर दिया. नतीजतन कैफ के विज्ञान विषय में भी पूरे अंक आ गए. आखिरकार मोहम्मद कैफ मुल्ला नें 10वीं की परीक्षा पूरे 100 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण कर ली.

कैफ ने बेलगाम के सेंट जेवियर हाई स्कूल से पढ़ाई की है. पुनर्मूल्यांकन के बाद कर्नाटक बोर्ड ने घोषणा की कि कैफ ने 13 लाख विद्यार्थियों के बीच सभी विषयों में सौ फीसदी अंक हासिल किए और टॉपर साबित हुए. कैफ ने मीडिया को बताया कि वह सिविल सेवा में अपना भविष्य देख रहा है और विज्ञान के विषयों से 11वीं करने की सोची है. कैफ के माता-पिता भी सरकारी स्कूलों में शिक्षक हैं. पिता उर्दू पढ़ाते हैं और माता कन्नड़ की टीचर हैं.

कैफ ने मीडिया को बताया कि परीक्षा में उसने जो लिखा था, अध्यापकों, नोटबुक्स और मॉडल आंसर शीट से उसकी पुष्टि की थी. उसने पाया कि उसके द्वारा लिखे गए सभी उत्तर बिल्कुल सही थे. पहले उसे 624 (99.86) अंक मिले थे लेकिन पुनर्मूल्यांकन के बाद रिजल्ट उसके उम्मीद के मुताबिक निकला. कैफ ने कहा कि जब वह नीति निर्माताओं में शामिल होगा तो हाशिए वाले बाल मजदूर उसकी प्राथमिकता में होंगे. ऐसे बच्चों को उचित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए वह अपनी पूरी कोशिश करेगा क्योंकि शिक्षा में ही यह क्षमता है कि वह व्यक्ति को बुरे हालातों में से बाहर ले आए.

शिवमोगा जिले के औद्योगिक कस्बे भद्रवती के एक और छात्र राजन ने कर्नाटक बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 625 में से 625 अंक हासिल किए हैं. आश्चर्य की बात यह है कि इस छात्र ने बिना किसी ट्यूशन और मार्गदर्शन के ही सौ फीसदी अंक हासिल कर लिए. राजन ने कहा कि उसका लक्ष्य था कि वह 600 अंक हासिल करे.

अंग्रेजी अखबार टाईम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक राजन ने कहा कि वह एक विषय को रोजाना 6 घंटे पढ़ता था. राजन एक टाइल्स विक्रेता का लड़का है और उसकी मां एक गृहणी हैं. राजन ने एलकेजी से दसवीं तक की पढ़ाई पूर्णपरागना हायर सेकेंडरी स्कूल से की है और उसके शिक्षकों का कहना है कि वह कक्षा में हमेशा प्रथम आता था.