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कर्नाटक का नाटकः सुप्रिम कोर्ट ने बढाई BJP की मुश्किलें, भाजपा की येदीयुरप्पा सरकार का गिरना तय

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नई दिल्ली – जस्टिस एके सिकरी की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच आज कांग्रेस-जनता दल सेक्यूलर की उस याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी है जिसमें कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा येदियुरप्पा को सरकार बनाने का आमंत्रण दिए जाने को चुनौती दी गई है।  सुप्रिम कोर्ट ने येदियुरप्पा को अपना वह समर्थन पत्र सौंपने का निर्देश दिया है जो उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल को सौंपा था।

बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार तड़के सुनवाई की। कांग्रेस-जेडीएस ने कोर्ट के समक्ष संयुक्त याचिका दायर कर आग्रह किया था कि येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाई जाए क्योंकि उनके पास बहुमत नहीं है। सुप्रिम कोर्ट ने यह कहकर शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया कि राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग किया है।

क्या कहा सुप्रिम कोर्ट ने ?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा  कि  24 घंटे में यानी शनिवार तक ही बहुमत साबित किया जाए , सुप्रिम कोर्ट ने आदेश दिया कि विधायकों को सदन तक ले जाने में सुरक्षा मुहैया कराई जाए इतना ही नहीं एंग्लो इंडियन सदस्य की नियुक्ति पर भी सरकार से गठन होने तक रोक लगा दी है। कांग्रेस के वकील ने मांग की थी कि विधायक निडर होकर वोटिंग कर सकें इसके लिए पूरी सुरक्षा और वीडियोग्राफी होनी चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह डीजीपी को आदेश देगा ताकि शनिवार को फ्लोर टेस्ट ठीक से हो सके।

कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवीं ने कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले पर उठाए सवाल और कहा कि जब जेडीएस और कांग्रेस के पास बहुमत है तो राज्यपाल कैसे भाजपा को सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं। उधर जस्टिस सीकरी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट हो जाना चाहिए और सदन को यह फैसला लेने दीजिए कि किसके पास बहुमत है। उन्होंने कहा कि क्यों न कि कल ही बहुमत परीक्षण हो।

क्या कहता है कर्नाटक का गणित ?

कर्नाटक में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नही मिल पाया था, सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस सिर्फ 78 सीटों पर सिमट गई, वहीं जनता दल सेक्यूलर 38 सीटें ले पाई थी। लेकिन भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिये कांग्रेस ने जेडीएस के साथ गठबंधन का एलान कर दिया था। बता दें कि भाजपा के पास 104 सीटे हैं, वहीं गठबंधन के पास 117 सीटें हैं ऐसी स्थिती में कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन के सरकार बननी तय मानी जा रही है।