Home देश सलमान की जमानत पर सुनवाई करने वाले जज का आधी रात को...

सलमान की जमानत पर सुनवाई करने वाले जज का आधी रात को हुआ ट्रांसफर, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

SHARE

नई दिल्ली – राजस्थान में बीती रात एक साथ 87 जजों का ट्रांसफर कर दिया गया है। ट्रांसफर होने वाले जजों में सलमान खान की बेल पर सुनवाई करने वाले जोधपुर सेशंस कोर्ट के जज रविंदर कुमार जोशी भी शामिल हैं। देर रात यह बड़ा फेरबदल किया गया है। जजो के ट्रांसफर में वो जज भी शामिल हैं जिन्हें सात अप्रैल की सुब्ह सलमान की जमानत याचिका पर सुनवाई की। सलमान खान की बेल पर सुनवाई करने वाले जज रविंदर कुमार जोशी थे। अब उन्हें सिरोही भेज दिया गया है। और अब जोधपुर सेशंस कोर्ट के नए जज अब चंद्रकुमार सोंगरा होंगे।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

आधी रात को हुए जजों के इस ट्रांसफर को लेकर अब सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं। मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले स्वतंत्र टिप्पणीकार इस्लाहुद्दीन अंसारी ने सोशल मीडिया पर टिपप्णी की है कि – और जज साहब का तबादला होते ही ये तय हो गया की कल सलमान खान को जमानत नहीं मिलेगी, और भला सरकार बहादुर जमानत मिलने भी कैसे देतें जब बैठे बिठाये एक तड़कता भड़कता हाई-प्रोफाइल हिंदु-मुस्लिम वाला मसाला जो मिल गया है। और तो और सारे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने का भला इससे बढ़िया मौका और क्या हो सकता था ?

उन्होंने इस टिप्पणी में लिखा है कि  सलमान 2, 4, 10 दिन और जेल में रहेगा और दलाल मीडिया अपना कैमरा और माईक लेकर जोधपुर सेंट्रल जेल से सलमान के खाने पीने से लेकर हगने मूतने तक़ की ख़बर को ब्रेकिंग न्यूज़ बनाकर पत्रकारिता की बची खुची आबरू भी नीलाम कर देगा और इसी बीच देश पर आईपीएल की खुमारी चढ़ ही जायेगी, क्रिकेट का बुखार चढ़ने के बाद देश दो महीनों के लिये सबकुछ भूल जायेगा की क्या जज लोया, कौन सी कारवां की रिपोर्ट (जज लोया) कौन सी द वायर की रिपोर्ट (पियूष गोयल) और क्या बैंकिंग क्षेत्र के घोटाले तब तक ना उसे नीरव मोदी याद रहेगा और ना ही हालिया पियूष गोयल की कंपनी का घोटाला।

आप मानों ना मानों उस कलयुगी चाणक्य ने मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया की हवा का रुख़ मोड़ने की कला में भी महारत हासिल कर ली है कब कौन से गैर-जरूरी मुद्दे की हवा बना कर किसी जरूरी मुद्दे की हवा निकालनी है इस कला में आज की तारीख़ में किसी और पार्टी का रणनीतिकार उसके आस-पास भी नहीं फटकता यूँ ही नहीं साहब ने उसे जमीन से उठाकर अपने कंधों पर बिठा लिया है। सलमान मामले में जज का तबादला उसकी चाणक्य-नीति का एक मामूली सा नमूना मात्र है।

वो और बात है की सलमान और उनके पिता ने साहेब से खूब नज़दीकियां बढ़ाई हों साथ पतंगे उड़ाई हो पर उनके लिये जब बात अपने वोटों (हिंदू) और अपने हितों को साधने की आ जाती है तब तो वो अपने खुद के आडवाणी को भी साईड लगाने से नहीं चूकते तो फिर भला सलमान किस खेत की मूली है और ऐसे भी सलमान नाम के साथ लगा खान पहले ही इतना तमाशा होने के लिये काफ़ी था।