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वरिष्ठ पत्रकार अमरेश मिश्रा का दावाः काली कमाई के पैसे से बनी है ‘द एक्सीडेन्टल प्राइम मिनिस्टर‘!

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‘द एक्सीडेन्टल प्राइम मिनिस्टर‘ को भूल जाइए। यह भी भूल जाइए कि इसमे हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का बेहूदा तरीके से चित्रण किया गया है। इस बात की भी चर्चा न कीजिए कि अनुपम खेर ने एक ‘राजनेता‘ डॉ मनमोहन सिंह की भूमिका अदा करने की आड़ में उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की है। यह भी याद रखने की जरूरत नहीं कि कांग्रेस शासित राज्य इस पर प्रतिबन्ध लगाने जा रहे हैं। वैसे आपके संज्ञान में ला दूँ कि ऐसा कोई प्रतिबन्ध लगने नहीं जा रहा है। इस सारे बवाल के बीच केवल और केवल इस एक व्यक्ति पर ध्यान दीजिए। और वह व्यक्ति है विजय रत्नाकर गट्टे! गट्टे इस फिल्म का निर्देशक है। वो एक अपराधी है और आजकल जमानत पर बाहर है। इसके पिता रत्नाकर गट्टे महाराष्ट्र के एक बड़े चीनी मिल मालिक हैं जो वहां के बदकिस्मत किसानों के करोडों रुपए हड़पकर नीरव मोदी की तरह देश छोड़कर भागने की फ़िराक में था ।

विजय रत्नाकर गट्टे: एक ‘एक्सीडेन्टल’ निर्देशक अगस्त 2018 में Directorate General of Goods and Services Tax Intelligence (DGGSTI) ने 34 करोड़ से ज्यादा के GST घोटाले में विजय रत्नाकर गट्टे को गिरफ्तार किया था। मुंबई की एक अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में आर्थर रोड जेल भेज दिया था। अदालती दस्तावेज़ों से खुलासा हुआ है कि विजय गट्टे की फर्म VRG Digital Corp Pvt Ltd ने करीब 34 करोड़ के GST के फर्जी बिल Horizon Outsource Solutions Pvt Ltd से एनीमेशन एवं अन्य सेवाओं के बहाने लिए। इसी से संबंधित 170 करोड़ से ऊपर GST फ्रॉड का एक मामला और भी है।

उस वक्त DGGSTI ने बताया था कि विजय जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और यह शिकायत भी की थी गट्टे ने एक ऐसे input tax credit (ITC) का भी फ़ायदा उठा लिया जो अस्तित्व में था ही नहीं। इतना ही नहीं सरकारी खजाने को लूटने के इरादे से इन फर्ज़ी बिलों की बिनाह पर GST विभाग से ITC के रिफंड का दावा भी ठोक दिया। अदालती दस्तावेज़ों के अनुसार ‘The Accidental Prime Minister’ का निर्देशक विजय गट्टे वही घोटालेबाज शख्स है। इसने पहले भी तीन फ़िल्में बनाई हैं: ‘इमोशनल अत्याचार’ , ‘बदमाशियां’ और ‘टाइम बरावाइट’ (मराठी)। इसकी आने वाली फिल्म में अनुपम खेर ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अक्षय खन्ना ने श्री सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू का किरदार निभाया है।

रत्नाकर गट्टे: ‘एक्सिडेंटल’ जालसाज और ‘एक्सिडेंटल’ निर्देशक का पिता इसी बीच जुलाई 2018 में विजय के पिता रत्नाकर गट्टे किसानों के नाम पर बनाए फर्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर 5400 करोड़ रुपए का क़र्ज़ लेने का आरोपी बनाये गये। यह मामला महाराष्ट्र की विधानसभा में भी उठाया गया था। एनसीपी के विधान परिषद सदस्य श्री मुंडे ने कहा,”जिल्हा परभणी में गंगखेड़ सुगर एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रमोटर रत्नाकर गट्टे ने विभिन्न फर्मों के नाम पर बैंकों से कर्ज़ा लेकर अलग-अलग खातों में जमा कराया . . .”

उन्होंने यह भी दावा किया कि श्री गट्टे ने पैसे को तीन-तेरह करने के लिए 22 फर्ज़ी कम्पनियां भी बना रक्खी हैं। 2015 में गंगखेड़ सुगर फैक्टरी ने ‘फसल एवं परिवहन योजना’ के तहत 600 से ज्यादा किसानों के नाम पर बैंकों से लोन लिया। किसानों के पास कर्ज़ के भुगतान हेतु नोटिस आने लगे। इनमें से कुछ की रकम तो 25 लाख तक थी। श्री मुंडे ने सदन को बताया, “इसी साल 5 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत रत्नाकर गट्टे के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी मगर आज तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई . . .” श्री मुंडे ने आशंका जताई कि सरकार नीरव मोदी की तरह गट्टे को भी देश छोड़कर भागने में मदद कर सकती है।

अमरेश मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एंव संयोजक मंगल पांडेय सेना

सभापति श्री रामराज निम्बालकर ने मुंडे द्वारा उठाए गए इस मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार से जानकारी मांगी। श्री निम्बालकर ने सरकार से पूछा कि कोर्ट द्वारा मामले की जांच के लिए आर्डर की गई SIT का गठन कर दिया गया है या नहीं।

अनुपम खेर

अनुपम खेर मोदी का चहेता है। उसे यह अच्छी तरह मालूम है कि ‘The Accidental Prime Minister’ में काली कमाई का पैसा लगा हुआ है। यह जानते हुए भी खेर ने फिल्म में काम करना मंजूर किया। फिल्म निर्माता सुनील बोहरा को मैं जानता हूँ। वह राजस्थानी है और ‘बी ग्रेड’ फिल्मों का वितरक है। वह फिल्मों के ज़रिए काले धन को सफ़ेद करने का हुनर जानता है। अब यह शीशे की तरह साफ़ हो गया है कि नरेन्द्र मोदी काले धन को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन दूसरी तरफ उनके दोस्त 2019 के चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस के खिलाफ फ़िल्में बना रहे हैं, जिनमें उनकी काली कमाई का पैसा लगा हुआ है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार, इतिहासकार एंव मंगल पांडेय सेना के संयोजक हैं, ये उनके निजी विचार हैं)