Home देश MSO ने आज़ादी पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया

MSO ने आज़ादी पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया

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“आज़ादी स्वाभाविक गुण है” यानी आज़ादी इंसानी मिजाज़ में दाख़िल है, इस विषय पर पूर्वी दिल्ली के शास्त्रीपार्क के मदरसा गरीब नवाज़ में मुस्लिम स्टूडेंट्स आर्गेनाईजेशन द्वारा एक वाद- विवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, आयोजन की शुरुवात “सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा” से हुयी, उसके बाद 15 प्रितिभागियो विषय पर प्रकश डाला, प्रत्येक प्रतिभागी को 5 मिनट का समय दिया गया था. प्रोग्राम में कुल 56 स्टूडेंट्स ने जो मदरसा और स्कूल के थे उन्होंने हिस्सा लिया.

नासीरुद्द्दीन जो कि वाद विवाद में प्रथम आये उन्होंने कहा कि हमको आज आजादी की महत्ता और इसकी उपयोगिता का अंदाज़ा इसलिए नहीं होता क्युकी हम आजाद पैदा हुए हैं, लेकिन ये आजादी हमको यु ही नहीं मिली बल्कि इसलिए हमारे पूर्वजो ने अपनी जानो की आहुति दी है.

मुख्य अतिथि तंजीम उलेमा इस्लाम दिल्ली के सचिव अब्दुल वाहिद खान ने कहा कि हम जिस देश में रह रहे है उससे प्रेम करना और उसके प्रति वफादार रहना हमारा धर्म इस्लाम सिखाता है, उन्होंने मौजुद् स्टूडेंट्स से मुखातिब होकर कहा कि देश प्रेम में सिर्फ तिरंगा फहराना ही नहीं आता है बल्कि देशप्रेम का मतलब देश के संविधान का पालन करना है, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना भी देशप्रेम के दाएरे में आता है, सरकारी संपत्तियों की हिफाज़त करना, और उनको अपनी संपत्ति समझना भी देशप्रेम है, समाज से बुराइयों को दूर करना भी देशप्रेम का ही हिस्सा है.

MSO शास्त्रीपार्क यूनिट के मेराज ने बताया कि MSO द्वारा आयोजित इस प्रोग्राम का मकसद मदरसे में पढने वाले स्टूडेंट्स के दरमियाँन देशप्रेम की भावना को बढ़ाना, उनको एक ज़िम्मेदार नागरिक के कर्तव्य से आगाह कराना और स्वतंत्र संग्राम का चित्रण करना है.

3 घंटे चले इस प्रोग्राम में अशरफ बिलाली, क़ादरी मस्जिद के कारी जमशेद साहब और अफताब रिज़वी मुख्य रूप से शामिल रहे.