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महान क्रान्तिकारी को जाटों का मसीहा बताकर फिर ग़लती कर गए PM मोदी, लोगों ने लगा दी क्लास

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नई दिल्ली – पीएम मोदी ने नौ अक्‍टूबर को हरियाणा के रोहतक में किसान नेता सर छोटूराम की 64 फुट ऊंची मूर्ती का अनावरण किया था। उनकी इस रैली के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय की की तरफ से किए गए ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी का बयान लिखा था।

इस ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से लिखा गया था कि, ‘ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे किसानों की आवाज, जाटों के मसीहा, रहबर-ए-आजम दीनबंधु सर छोटूराम जी की इतनी भव्य प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला।’

जैसी पीएमओ की तरफ से यह ट्वीट सामने आया उस पर विवाद शुरू हो गया। प्रधानमंत्री पर जातिगत राजनीति का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई। विवाद को अधिक बढ़ता देख पीएमओ को यह ट्वीट हटना पड़ा। दिल्ली से सटे हरियाणा में उनके इस बयान पर काफी बहस हुई और लोगों ने प्रधानमंत्री पर जातिवाद फैलाने तक के आरोप लगा दिए थे।

 

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आदरणीय मोदी जी, अब प्रधानमंत्री कार्यल ने अपना ट्वीट हटा लिया। पर जाति-धर्म के बँटवारे पर वोट बैंक की राजनीति करने वाली अपनी मानसिकता को एक ट्वीट मिटा कर छुपा नहीं सकते। रोज़ आपके अन्याय से त्रस्त किसान अब जाति के जुमलों से नहीं बहकने वाला। आप हरियाणा और देश के किसानों से माफ़ी माँगिये।

वहीं राष्ट्रीय लोकदल के युवा नेता और पूर्व लोकसभा सांसद जयंत चौधरी ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। चौधरी छोटू राम जाटों के मसीहा नहीं, आज भी किसान के, सर्व समाज के आदर्श हैं। लेकिन जब सोच संकीर्ण हो, दिल छोटा हो तब सब ऐसे ही नज़र आते हैं।सवाल आपका है, जब मन करता है, #chaiwalla बन जाते हो, कभी व्यापारी का ख़ून, कभी पिछड़े जाती से, आपके दोस्त अमीर हैं, परिवार ग़रीब है।