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वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन का विश्लेषणः 2019 में बीजेपी को 141 सीटें मिलेंगी?

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अगर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिले वोटों को लोकसभा की सीटों में तब्दील करें तो उसे 31 सीटें मिलती दिख रहीं हैं. इन तीन राज्यों में लोकसभा की 65 सीटें आती हैं और 2014 के चुनाव में बीजेपी को यहाँ 62 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. यानि आधी सीटें ही रह गई हैं. इसी आंकड़े को अगर राज्यवार देखे तो सूरत कुछ इस तरह निकलती है

मध्यप्रदेश कुल लोकसभा सीट 29

2014 : बीजेपी 27 सीट – कांग्रेस 2 सीट

2019:(विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक)

बीजेपी 17 सीट – कांग्रेस 12 सीट

राजस्थान कुल लोकसभा सीट 25

2014: बीजेपी 25 सीट – कांग्रेस 0 सीट

2019:(विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक)

बीजेपी 13 सीट – कांग्रेस 12 सीट

छत्तीसगढ़ कुल लोकसभा सीट 11

2014: बीजेपी 10 सीट – कांग्रेस 1 सीट

2019:(विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक)

बीजेपी 1 सीट – कांग्रेस 10 सीट

इन तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 160 सीटें हारी और कांग्रेस को 163 नई सीटों पर जीत हासिल हुई है यानि 2013 के मुक़ाबले कांग्रेस की सीटों में 138% का इजाफा हुआ है. ये बात भी गौरतलब है कि इन विधान सभा चुनाव में कांग्रेस किसी गठबंधन में नहीं गई और तीनों राज्यों में इसका बीजेपी से सीधा मुक़ाबला रहा.

2014 चुनाव – 70 फीसद भारत में 70 फीसद बीजेपी

उत्तर भारत और पश्चिम के प्रदेश में ही बीजेपी का असर है. इसमे 14 राज्य आते है और लोकसभा की 306 सीटें. 2014 में बीजेपी को इनमे से 212 पर जीत हासिल हुई थी. यानि बीजेपी के अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन की 282 सीटों की 212 इन्ही प्रदेशों से मिली थी. जिसमे सबसे बड़ा योगदान उत्तर प्रदेश से 80 में से 71 सीटों का था. इसके अलावा राजस्थान में 25 में से 25, गुजरात की 26 में से 26 सीटे, मध्य प्रदेश की 29 में 27 सीटों, दिल्ली की 7 में 7, उत्तराखंड मे सभी 5 सीट और हिमाचल की सभी 4 सीटें बीजेपी को मिली थी.

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सीधे मुक़ाबले में 2014 की तुलना में बीजेपी को आधी सीटों का सीधा नुकसान होता दिख रहा है. बाकी राज्यों में अगर विपक्षी दल गठबंधन बना कर बीजेपी को सीधा मुक़ाबला देते हैं तो नतीजे वहाँ भी कामोबेश ऐसे ही निकलेंगे.