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वरिष्ठ पत्रकार की मोदी को नसीहत, ‘आप भारतीय गणराज्य के प्रधानमंत्री हैं, थोड़ी मान मर्यादा तो रखिये’

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नई दिल्ली – सीबीआई में चल रहे विवाद को लेकर मोदी सरकार की खूब आलोचना हो रही है। अब वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन ने पीएम मोदी को नसीहत देते हुए कहा है कि मोजी जी आप भारतीय गणराज्य के प्रधानमंत्री हैं – थोड़ी मान मर्यादा तो रखिये।  उन्होंने कहा कि अजित दोवल के चार जासूस को सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के घर के सामने से सुबह चार बजे पकड़े गए हैं. वर्मा की सेक्यूरिटी ने इन्हे दिल्ली पुलिस से हवाले कर दिया है.

उन्होंने कहा कि इनके ऊपर शक है कि ये जासूस या तो वर्मा के घर आने जाने वालों पर निगरानी रख रहे थे या कोई रिकॉर्डिंग उपकरण फिट करने की फिराक में थे. शर्म की बात है कि सत्ता में ऐसे लोग हैं जिन्हे एक संवैधानिक लोकतंत्र की मार्यदाओं का ज़रा भी इल्म नहीं है. इस तरह की घटिया हरकत तो अब अफ्रीकी देशों से भी नहीं सुनाई देती है.


प्रशांत ने कहा कि अजित दोवल को दस साल के लिये मजबूत सरकार चाहिये – मुझे इनके बयान में इमरजेंसी सुनाई दे रहा है. देश को मज़बूत लोकतंत्र चाहिये और मज़बूत नहीं जवाबदेह सरकार चाहिये. वैसे दोवल साहब मज़बूत सरकार होती क्या है? उन्होंने कहा कि मज़बूत सरकार पठानकोट के एयरफोर्स बेस में हुये आतंकवादी हमले की जांच के लिये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को नहीं बुलाती है. और उस ISI को जिस पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते हों.

प्रशांत ने कहा कि  मज़बूत सरकार का प्रधानमंत्री पार्टी अध्यक्ष को बगल में बैठा कर सीबीआई प्रमुख को रात दो बजे नहीं हटाता है। मज़बूत सरकार की नाक के नीचे से देश का हजारों करोड़ रुपया लेकर कोई नहीं भाग पाता है और भाग भी जाये तो मज़बूत सरकार उसका प्रत्यपर्ण करा लेती है। मज़बूत सरकार एक मज़बूत अर्थव्यवस्था भी देती है जो रोजगार पैदा कर सके। मज़बूत सरकार का प्रधानमंत्री मीडिया से भागता नहीं है बल्कि ज़रूरी मसलों पर प्रेस कान्फ्रेंस करता है – सवालों का सामना करता है।

उन्होंने कहा कि मज़बूत सरकार बोलने की आज़ादी से नहीं घबराती है।  मज़बूत सरकार का प्रधानमंत्री सिर्फ चमचे पत्रकारों को पहले से तय सवालों पर इंटरव्यू नहीं देता है।  मज़बूत सरकार का प्रधानमंत्री महिला सुरक्षा, बलात्कार जैसे मसलों पर एक सख्त रुख अपनाता है – खामोश नहीं हो जाता है।  मज़बूत सरकार में भीड़ की हिम्मत नहीं होती है कि वो पीट पीट कर किसी निर्दोष की जान लेले।  मज़बूत सरकार के रहते चीन की हिम्मत नहीं होती कि डोकलाम में घुस जाता।

प्रशांत टंडन ने कहा कि मज़बूत सरकार पहले से तय रक्षा सौदों में तीन गुना कीमत देने पर राज़ी नहीं हो जाती है।  मज़बूत सरकार दो-चार उद्योगपतियों के लिये नहीं काम करती है। मज़बूत सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट नहीं करती है। और मज़बूत सरकार के सुरक्षा सलाहकार को सीबीआई के प्रमुख की खुफिया एजेंसी के लोगों से जासूसी कराने की ज़रूरत नहीं पड़ती है।