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बागपत धर्म परिवर्तन मामलाः हिन्दु धर्म अपनाने वाले परिवार की बहु और बेटे ने कहा, ‘हम मुसलमान थे, हैं और मुसलमान ही रहेंगे’

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नई दिल्ली बागपत के थाना छपरौली के गांव बदरखां में मुस्लिम परिवार के 13 लोगों ने धर्म परिवर्तन कर हिन्दू धर्म अपनाया है,जिसके बाद मीडिया में बड़ा हँगामा हुआ है,लोगों ने उनको बड़ा समझाने की बात करी लेकिन वो नही माने।

इन लोगों धर्म परिवर्तन करने के पीछे पुलिस कार्यवाही से नाराज़गी बताई है,क्योंकि उनके परिवर के एक सदस्य के रहस्मय ढँग से मौत हुई थी जिसको परिजन हत्या बता रहे थे और मुक़दमा लिखाने की कोशिश कर रहे थे,लेकिन पुलिस का मानना था कि ये आत्महत्या है।

जिस अख्तर परिवार के मुख्या ने धर्म परिवर्तन किया है उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया है,और मुसलमान रहेंगे उन्हें इस्लाम धर्म मे पूरी श्रद्धा है।

अख्तर के परिवर के 7 सदस्यों ने किसी भी कीमत पर हिन्दू धर्म स्वीकार करने से इनकार कर दिया है,उनमें अधिकतर महिलाएँ हैं जो इस परिवार की बहु हैं,धर्म परिवर्तन करने वाले गुलज़ार के ससुर जिनकी दो बेटियां इस परिवार में थी उन्होंने बहुत समझाया और इस्लाम धर्म से ना फिरने की बड़ी मिन्नत करी लेकिन जब वो नही माने तो वो अपनी बेटियों को लेकर अपने गांव आगए।

तितरोदा निवासी साबुद्दीन की दो बेटियाँ हिन्दू बनने वाले परिवार की बहू थी,जिसका का कहना है कि उनकी इस हरकत से उसकी दो बेटियाँ घर बैठ गई उसका बड़ा नुक़सान हुआ है लेकिन सबसे बड़ी बात है कि उसकी बच्चियों का ईमान बच गया ये मेरी सबसे बड़ी दौलत है।

साबुद्दीन की दो बेटियाँ आसमा उर्फ छोटी दिलशाद की पत्नी तथा मृतक गुलज़ार के निकाह में गुल्लो थी,आसमा उर्फ छोटी ने जिसने 3 महीने पहले बच्चे को जन्म दिया था अपने बच्चे के साथ अपने मायके आगई है,उसका कहना है कि मैं अपने ईमान पर रहना चाहती हूं,मैं अपना ईमान नही खोऊंगी, अब मेरा पूर्व पति से कोई सम्बन्ध नही रहा ना अब वो मेरा पति है मैं मुसलमान हूँ वो हिन्दू इस लॉए हमारे बीच सब कुछ खत्म होचुका है।

प्रतीकात्मक चित्र

धर्म परिवर्तन करने वाले नौशाद जिसने हिन्दू धर्म अपनाने के बाद अपना नाम नरेन्द्र कर लिया उसकी पत्नि रूकैय्या कहती है कि उन्हें अपने ही मज़हब में रहना है और उनके पति झूठ बोल रहे हैं कि वो हिन्दू बन गई हैं। रुकै़या ने बताया कि नरेंद्र ( नौशाद) ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

रुकै़या ने अपने पति से कहा, ”आपको जो बनना है बनो। मुझे अपने ही मज़हब में रहना है।” रुकै़या की गोद में उसका चार साल का उनका बेटा नाहिद है। नरेंद्र कहते हैं कि उनका बेटा नाहिद भी हिन्दू बन गया है। ये सुनकर रुकै़या कड़ी आपत्ति दर्ज कराती हैं और कहती हैं, ”तुम बनो जो बनना है। ये मुसलमान ही रहेगा।