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नज़रियाः औलाद वालों अपने अपने श्मशान और क़ब्रिस्तान सजा लो… बचेगा कोई भी नहीं।

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ज़ैग़म मुर्तज़ा

क्या एक आठ साल के मासूम बच्चे की पहचान मज़हब हो सकती है? जिसने मज़हब की बिना पर मारा उसने ज़ुल्म किया। जो मज़हब की बिना पर इंसाफ मांग रहे हैं वो भी क़ातिल के मक़सद को जायज़ बनाने की कोशिश में हैं। क्या 130 करोड़ लोगों की संवेदनाएं इतनी मर गयी हैं कि उनके दरवाज़े पर एक मासूम की लाश रखकर ये नहीं पूछा जा सकता कि ये आपका बच्चा होता तो?

यक़ीन मानिए जिसका चला गया, गया… अगली बारी आपके बच्चों की है। जब मुल्क ज़हरीला गैस चेंबर बन चुका है और इंसान की मौत मज़हब के आधार पर जायज़ और नाजायज़ ठहराई जाने लगें तो क़यामत का इंतज़ार मत कीजिए। औलाद वालों अपने अपने श्मशान और क़ब्रिस्तान सजा लो… बचेगा कोई भी नहीं।

बड़ी मछली छोटी को निगलती है, भीड़ कमज़ोर को कुचलती है, राक्षस इंसानों को मारते हैं, विधर्मियों का वध ही धर्म है… ये वैदिक काल में लिखा गया, जब इंसान ‘आज जितना’ शिक्षित और सभ्य नहीं था… लेकिन सभ्यता और नियमों का शिक्षा या धर्म से नहीं संस्कार और मानवीयता से सरोकार है।

संस्कारों के मामले में हमारे आदर्श यूरोपियंस हैं और मानवीयता के स्तर पर हम भारतीय तालिबान, आईएसआईएस और अल-क़ायदा के साथ बाक़ायदा होड़ में हैं। ये हाल रहा तो हमारा बेड़ा ग़र्क होने से न भगवान बचा सकता है, न हमारे नियम और न वो धर्म जो कभी-कभी दिल बहलाने को वसुधैव कुटुंबकम् की लोरी सुनाता है।

मित्तल की नई दुकान

नेहा करण मित्तल… नाम सुना है? करण मित्तल की पत्नी हैं। पति मित्तल काॅर्प लिमिटेड के एमडी हैं। पत्नी ने 25 सितंबर को एकल युवा फाउंडेशन नाम से नई दुकान लांच की है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंदौर में बड़ी धूमधाम से किया। करण मित्तल के साथ गलबहियाँ भी कीं। सरकारी मदद का भरोसा भी दिया। इसमें कोई बुरी बात नहीं है। मंत्रियों को सामाजिक कार्यों में शामिल होना चाहिए लेकिन ये पता कर लेना चाहिए कि सार्वजनिक दोस्ती किससे रखनी है।

मित्तल काॅर्प लिमिटेड सरकारी बैंकों की डिफाल्टर है और 900 करोड़ रुपया हज़म कर रखा है। बैंक 6 महीने से कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल के चक्कर काट रहे हैं मगर ख़ाक भी हाथ नहीं लगी है। अगर रक्षा मंत्री ही निगेहबान हैं तो बैंक की भला क्या औक़ात जो वसूली कर ले? बहरहाल राष्ट्रवाद की आंधी में ऐसे छोटे मोटे लोन उड़ते ही रहते हैं।

(लेखक युवा पत्रकार हैं)